CM विजय ने पैरा एथलीट मनीषा को दिए ₹30 लाख, बोले- उनकी कामयाबी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा – Saahas Samachar

3

चेन्नई

 एशियन पैरा गेम्स 2026 में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात हो रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एशियन पैरा गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मनीषा रामदास को बधाई दी है और उनकी इस उपलब्धि के लिए राज्य सरकार की ओर से 30 लाख रुपये देने की घोषणा की है। मनीषा ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत के साथ मिक्स्ड डबल्स एसएल3–एसयू5 इवेंट में इंडोनेशिया की लानी रात्री ओक्टिला और जिकमत रामदानी के खिलाफ कड़े सेमीफाइनल मुकाबले के बाद ब्रॉन्ज मेडल जीता।

सीएम ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भारतीय टीम को जीत की शुभकामनाएं दीं और मनीषा के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने लिखा, ‘मैं जापान में हो रहे 5वें पैरा एशियन गेम्स में बैडमिंटन में मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय टीम और तमिलनाडु की खिलाड़ी मनीषा रामदास को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।’

30 लाख रुपये देगी सरकार

सीएम ने लिखा, ‘मनीषा रामदास के सम्मान में तमिलनाडु सरकार 30 लाख रुपये की बड़ी मदद देगी। यह कामयाबी मनीषा की लगन और कड़ी मेहनत को दिखाती है। उनकी कामयाबी पैरा एथलीट्स की नई पीढ़ी को आत्मविश्वास और पक्के इरादे के साथ अपने खेल के सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करेगी। मैं उन्हें भविष्य में और भी कामयाबी की दुआ करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे तमिलनाडु और भारत को गर्व महसूस कराएं।’

उभरते हुए खिलाड़ियों को हिम्मत देगा मनीषा का मेडल

सीएम के संदेश में भारतीय टीम के प्रदर्शन में मनीषा के योगदान और उनकी कामयाबी से उनके गृह राज्य को मिले गर्व, दोनों पर जोर दिया गया। विजय ने उम्मीद जताई कि यह मेडल उभरते हुए पैरा एथलीट्स को हिम्मत देगा और मनीषा की कामयाबी को अपनी पहचान बनाने की चाहत रखने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद बताया।

तमिलनाडु का नाम रोशन करती रहेंगी मनीषा

सीएम विजय ने कहा कि उनकी कामयाबी ने कॉम्पिटिटिव गोल तक पहुंचने के लिए लगातार कोशिश और पक्के इरादे की अहमियत दिखाई है। उन्होंने आने वाले सालों में उनकी और कामयाबी की कामना की और उम्मीद जताई कि वह तमिलनाडु और भारत का नाम रोशन करती रहेंगी। मुख्यमंत्री का मैसेज पैरा स्पोर्ट्स की कामयाबियों को पहचानने और उन एथलीटों को बढ़ावा देने के महत्व पर फोकस था, जिनका परफॉर्मेंस दूसरों को कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट अपनाने के लिए मोटिवेट कर सकता है।

 

Comments are closed.