नवरात्र के पांचवें दिन झंडेवाला देवी मंदिर में मां स्कंदमाता की भव्य पूजा-अर्चना – Saahas Samachar

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हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए किए गए व्यापक इंतजाम

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन राजधानी दिल्ली के प्राचीन एवं प्रसिद्ध झंडेवाला देवी मंदिर में मां भगवती के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मां का भव्य श्रृंगार किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया और दिनभर भक्तों की भारी भीड़ मां के दर्शन के लिए उमड़ती रही।
सनातन परंपरा में मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय अर्थात स्कंद की माता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि मां के इस स्वरूप की आराधना करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चतुर्भुजी मां स्कंदमाता का वाहन मयूर है, जिसके कारण उन्हें ‘मयूरवाहन’ के नाम से भी जाना जाता है।
सदियों पुरानी आस्था का केंद्र है झंडेवाला मंदिर
दिल्ली के झंडेवाला क्षेत्र में स्थित यह मंदिर राजधानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मंदिर के इतिहास को लेकर विभिन्न धार्मिक परंपराओं और स्रोतों में अलग-अलग विवरण मिलते हैं। उपलब्ध विवरणों के अनुसार इस स्थान की धार्मिक प्रसिद्धि काफी पुरानी है और बाद में बद्री भगत के प्रयासों से यहां मंदिर का विकास हुआ। मंदिर की परंपरा से जुड़े विवरणों में यह भी कहा जाता है कि यहां देवी की प्रतिमा एक पहाड़ी/गुफानुमा स्थान से प्राप्त हुई थी।
मंदिर के नाम ‘झंडेवाला’ को लेकर भी एक प्रचलित मान्यता है। कहा जाता है कि इस स्थान पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में ध्वज और झंडे चढ़ाते थे, जिसके कारण यह स्थान धीरे-धीरे ‘झंडेवाला’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। कुछ ऐतिहासिक विवरण इस परंपरा को मुगलकाल, विशेषकर शाहजहां के समय से जोड़ते हैं।
आज झंडेवाला देवी मंदिर दिल्ली की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवरात्र के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं तथा भक्तों की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाता है।
सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के विशेष इंतजाम
नवरात्र के दौरान मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी रखती हैं।
दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ऑनलाइन बुकिंग और QR कोड के माध्यम से दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा चार स्थानों पर नि:शुल्क पार्किंग, छह स्थानों पर जूता स्टैंड और 24 घंटे प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए मेट्रो स्टेशन से मंदिर तक आने-जाने हेतु ई-रिक्शा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार प्रातः 4 बजे से रात्रि 12 बजे तक होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण झंडेवाला देवी मंदिर के यू-ट्यूब चैनल, फेसबुक, वेबसाइट और मंदिर की एप के माध्यम से किया जा रहा है। इससे मंदिर नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालु भी घर बैठे मां के दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ पा रहे हैं।
मंदिर की स्वच्छता, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर आने वाले भक्तों की ओर से भी संतोष व्यक्त किया जाता रहा है। मंदिर न्यास एवं प्रबंधन समिति नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कल नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी के स्वरूप का भव्य श्रृंगार किया जाएगा तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी।

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