केरल के पूर्व CM पिनराई विजयन को ED का समन, 23 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया – Saahas Samachar

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तिरुवनंतपुरम

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विजयन को CMRL-Exalogic मामले में समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा है. इसके साथ ही एजेंसी ने उनसे देश-विदेश में मौजूद बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, चल-अचल संपत्तियों और निवेश का पूरा ब्योरा मांगा है. ईडी ने विजयन से उनके परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं के वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी देने को कहा है। 

सभी बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी मांगी

प्रवर्तन निदेशालय ने CMRL-Exalogic मामले में पिनराई विजयन को जारी समन में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं. एजेंसी ने उनसे भारत और विदेशों में उनके तथा उनसे जुड़ी संस्थाओं के सभी बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी मांगी है। 

इसके अलावा ईडी ने विजयन और उनसे जुड़ी संस्थाओं के नाम पर देश-विदेश में मौजूद चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा भी तलब किया है. इनमें बैंक लॉकर से संबंधित जानकारी और दस्तावेज भी शामिल हैं। 

2016 से 2026 तक के ITR भी मांगे

ईडी ने पिनराई विजयन से वित्त वर्ष 2016 से 2026 तक दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (ITR) की प्रतियां भी मांगी हैं. इसके जरिए एजेंसी उनके वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करना चाहती है। 

समन में विजयन और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी उन सभी संस्थाओं की जानकारी भी मांगी गई है, जो भारत या विदेश में मौजूद हैं. साथ ही इन संस्थाओं में किए गए निवेश का ब्योरा भी पेश करने को कहा गया है। 

CMRL और शशिधर कर्था से मिले पैसों का ब्योरा तलब

प्रवर्तन निदेशालय ने विजयन से उन सभी धनराशियों की जानकारी देने को कहा है, जो उन्हें, उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़े किसी व्यक्ति को CMRL, शशिधर कर्था या इस कंपनी से जुड़े किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त हुई हों। 

ईडी ने विजयन को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 की धारा 50 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए भी बुलाया है. इस मामले में विजयन को 23 अक्टूबर को एजेंसी के सामने पेश होना है. ईडी CMRL-Exalogic मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। 

सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली तत्काल राहत

इससे पहले शुक्रवार को पिनराई विजयन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. उन्होंने CMRL-Exalogic मामले में विजिलेंस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। 

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बागची की बेंच के सामने विजयन की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि 82 वर्षीय नेता पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है. विजयन के वकील ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. उन्होंने दलील दी कि हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने जनहित याचिका जैसी कार्यवाही के दौरान यह आदेश पारित किया था। 

इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि दशहरा अवकाश के दौरान जजों की उपलब्धता के आधार पर विशेष बेंच गठित करने की संभावना पर विचार किया जाएगा. अगर ऐसा संभव नहीं हुआ तो मामले को 26 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा. दशहरा अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट में नियमित कामकाज 26 अक्टूबर से शुरू होगा। 

हाईकोर्ट ने दिया था FIR दर्ज करने का आदेश

दरअसल, केरल हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने 9 अक्टूबर को राज्य के विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (VACB) को आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट का यह आदेश ईडी की ओर से पुलिस को भेजी गई रिपोर्ट के बाद आया था. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की थी। 

क्या है CMRL-Exalogic मामला?

यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और उससे जुड़ी एक कंपनी की ओर से Exalogic Solutions को किए गए भुगतान से संबंधित है. ईडी का आरोप है कि CMRL ने आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं की फीस के नाम पर Exalogic Solutions को गलत तरीके से 2.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। 

एजेंसी इस भुगतान से जुड़े वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है. इसी सिलसिले में अब पिनराई विजयन को समन जारी कर 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा गया है। 

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