झण्डेवाला देवी मंदिर में माँ कुष्मांडा की भव्य पूजा-अर्चना, अलौकिक श्रृंगार के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु – Saahas Samachar
300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से मंदिर परिसर की निगरानी, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं
सेवा बस्तियों की सैकड़ों कन्याओं के लिए दर्शन, भंडारे और प्रसाद की विशेष व्यवस्था
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर।
राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध प्राचीन शक्तिपीठ झण्डेवाला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के चौथे दिन माँ भगवती के चतुर्थ स्वरूप माँ कुष्मांडा की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं भव्य श्रृंगार किया गया। माँ के दिव्य स्वरूप के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर माँ के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने माँ के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ कुष्मांडा को सृष्टि की रचनाकार माना जाता है। मान्यता है कि माँ के इस स्वरूप की आराधना करने से भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और आरोग्य का संचार होता है तथा उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर परिसर में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से मेले की प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। मंदिर में स्थापित नियंत्रण कक्ष से सुरक्षा विभाग के सेवादार और पुलिसकर्मी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक दर्शन उपलब्ध हो सकें।
मंदिर प्रशासन ने उन श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है, जो किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच सकते। झण्डेवाला देवी मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज, वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रतिदिन प्रातः चार बजे से मध्यरात्रि तक मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और माँ की आराधना का सीधा प्रसारण किया जा रहा है।
नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से सामाजिक सेवा और कन्या पूजन की परंपरा को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। दिल्ली के विभिन्न जिलों की सेवा बस्तियों से सैकड़ों कन्याओं को मंदिर में माँ भगवती के दर्शन कराने के साथ उनके लिए भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर की इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और सेवा भावना को बढ़ावा देना है।
वहीं, मंदिर परिसर में संचालित मेहंदी प्रशिक्षण केंद्र की प्रशिक्षु कन्याओं द्वारा महिला श्रद्धालुओं को प्रतिदिन प्रातः नौ बजे से रात्रि आठ बजे तक मेहंदी लगाई जा रही है। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में निःशुल्क चाय और शर्बत की व्यवस्था भी की गई है। इसके अतिरिक्त मदर डेयरी द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल पर भक्तों को विभिन्न उत्पाद रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। अनेक प्रसिद्ध भजन गायकों ने दिनभर माँ भगवती का गुणगान कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया। भजनों और माँ के जयकारों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार नवरात्र के पांचवें दिन माँ दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कन्दमाता की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर माँ का अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की विशेष व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।

Comments are closed.