वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन ने रचा इतिहास, सामाजिक सरोकारों के लिए जुटाए 8.87 करोड़ रुपये – Saahas Samachar

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परोपकार के क्षेत्र में नया कीर्तिमान, पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से अधिक धनराशि जुटाई

72 गैर-सरकारी संगठन, 14 कॉरपोरेट संस्थान और 169 व्यक्तिगत फंडरेज़र बने सामाजिक बदलाव के भागीदार

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। 

वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 ने खेल और सामाजिक सरोकारों को एक मंच पर लाते हुए परोपकार के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। आयोजन के 21वें संस्करण में दौड़ शुरू होने से पहले ही विभिन्न सामाजिक उद्देश्यों के लिए 8.87 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है। यह राशि पिछले वर्ष जुटाए गए 4.12 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि खेल केवल पदक और रिकॉर्ड बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त जरिया भी बन सकते हैं।

इस वर्ष 72 गैर-सरकारी संगठनों, 14 कॉरपोरेट संस्थानों और 169 से अधिक व्यक्तिगत फंडरेज़र ने इस अभियान में भागीदारी निभाई है। वर्ष 2005 में शुरू हुई दिल्ली हाफ मैराथन के माध्यम से अब तक कुल 97.5 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है, जिससे 500 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों को सहायता मिली है। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, आजीविका, महिला सशक्तीकरण, दिव्यांगजनों के कल्याण और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों में किया जाता रहा है।

लगातार दूसरे वर्ष आयोजन के परोपकार भागीदार बने लक्ष्य संगठन ने इस अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संगठन के संस्थापक एवं पार्टनर निखिल पंत ने कहा कि वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि खेल, फिटनेस और सामुदायिक भागीदारी मिलकर किस तरह दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि गैर-लाभकारी संगठनों, व्यक्तिगत फंडरेज़र, कॉरपोरेट संस्थानों और धावकों को एक मंच पर लाकर समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता करना संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।

दीपक शर्मा ने अकेले जुटाए 31 लाख रुपये

इस वर्ष व्यक्तिगत स्तर पर धन जुटाने के मामले में दीपक शर्मा ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने वंचित बच्चों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठन उदयन केयर के समर्थन में 31 लाख रुपये जुटाए। उनकी इस उपलब्धि ने साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से एक व्यक्ति भी बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकता है।

15 वर्षीय रेहान गयान ने पेश की प्रेरणादायक मिसाल

दिल्ली हाफ मैराथन के परोपकार अभियान में 15 वर्षीय रेहान गयान की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कक्षा दसवीं के छात्र रेहान ने सबसे कम उम्र के फंडरेज़र के रूप में 50 हजार रुपये जुटाए। उन्होंने यह धनराशि कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में कार्यरत एटाशा सोसाइटी के लिए एकत्र की। रेहान की पहल युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

हर किलोमीटर के साथ कुपोषण के खिलाफ अभियान

वेदांता ने अपनी सामाजिक पहल ‘नंद घर’ के माध्यम से इस आयोजन को कुपोषण के खिलाफ अभियान से भी जोड़ा है। ‘रन फॉर जीरो हंगर’ पहल के तहत धावकों द्वारा तय किया जाने वाला प्रत्येक किलोमीटर पोषण सहायता के उद्देश्य से जुड़ा होगा। कंपनी ने 50 लाख पोषण पैक उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है, जिनका उद्देश्य बच्चों और पशुओं की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायता करना है।

आयोजकों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में मैराथन से जुड़े सामूहिक प्रयासों के माध्यम से 2.2 करोड़ भोजन उपलब्ध कराने में सहायता मिली है। यह पहल खेल आयोजनों को सामाजिक कल्याण से जोड़ने का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

सामाजिक बदलाव में आईआरएफसी की भी भागीदारी

भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) ने भी इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष परोपकारी उद्देश्यों का समर्थन करने वाला आईआरएफसी एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। निगम अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और वंचित समुदायों के सशक्तीकरण से जुड़ी परियोजनाओं को समर्थन देता है।

31 अक्टूबर तक जारी रहेगा धन जुटाने का अभियान

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि परोपकार के लिए धन जुटाने का अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इसमें व्यक्तिगत दानदाताओं, धावकों, युवा फंडरेज़र, रनिंग क्लबों, संस्थानों और कॉरपोरेट संगठनों को भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है।

प्रोकैम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक बी. सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार दोगुने से अधिक धनराशि जुटाना सामूहिक प्रयासों की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल दौड़ आयोजित करना नहीं, बल्कि ऐसा मंच तैयार करना है, जिसके माध्यम से लोग समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

विवेक सिंह ने कहा कि दिल्ली में परोपकार और सामाजिक सहयोग की बढ़ती भावना उत्साहजनक है। धावकों, गैर-सरकारी संगठनों और कॉरपोरेट साझेदारों की भागीदारी ने साबित किया है कि सामाजिक बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास कितने प्रभावशाली हो सकते हैं।

वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का यह 21वां संस्करण एक बार फिर संदेश दे रहा है कि दौड़ की असली सफलता केवल फिनिश लाइन पार करने में नहीं, बल्कि उन जिंदगियों में सकारात्मक बदलाव लाने में भी है, जिन्हें समाज के सहयोग और संवेदनशीलता की सबसे अधिक आवश्यकता है।

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